Showing posts with label अय नदी. Show all posts
Showing posts with label अय नदी. Show all posts

अय नदी

गमों से पार हो
अय नदी

जीवन में धार हो
अय नदी

गुजर जाये गर मझधार हो
अय नदी

बन जा सुर ताल
अय नदी

कलकल हो सांसे
अय नदी

गरीबी हो पार
अय नदी

शियासत तू डुबा
अय नदी

बन जा तारण हार
अय नदी

जंगल हो आर पार
अय नदी

पृथ्वी की तू श्रृन्गार
अय नदी

सदियों की गवाह तू
अय नदी

चढे परतों को तू धो
अय नदी

सूखी जमीनें नम कर
अय नदी

मानवियता हो संग संग
अय नदी

सपाट कर गमों के पहाड
अय नदी

वक्त का तू आईना बन
अय नदी

तानाशाहो को दिखा तू
अक्स
अय नदी !!