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एक तितली

चलते हुए सपनें में
एक तितली
भरती रंग पंखो पर

हरा नीला पीला सब
इंद्रधनुषी
आसमान छूने की चाहत में
चलती बादलों पर
भींगती बारिशो में

और फिर
बहती सात सूरों में
सुरीली  हो 
मिल जाती समंदर से 
किनारो से टकराती
छूती लहरों को

सभी मौसमों में
रंग भरती 
थकती नहीं
चलती जाती
उडती डाल डाल और
पात पात
हर सफर हर राह

आसमान ऊँचा सही   
पर रंगीन परो पर
चाँद सूरज बिठा
छू लेती गगन 
एक तितली चलते हुए
सपनें में !!