लिख दो वह सब
जहाँ भूख ना जलती हो
मन की आग पर
भूख हो
एक कविता
जिसे सुबह शाम पढी जाये
जिसे कमाने निकले
सुबह को
लौटना हो जिसपर
सांझ को
सकून से सोये
रात को
गर्वांवित होये कविता !!
जहाँ भूख ना जलती हो
मन की आग पर
भूख हो
एक कविता
जिसे सुबह शाम पढी जाये
जिसे कमाने निकले
सुबह को
लौटना हो जिसपर
सांझ को
सकून से सोये
रात को
गर्वांवित होये कविता !!