Showing posts with label सुबह. Show all posts
Showing posts with label सुबह. Show all posts

भूख हो कविता

लिख दो वह सब
जहाँ भूख ना जलती हो
मन की आग पर

भूख हो
एक कविता
जिसे सुबह शाम पढी जाये

जिसे कमाने निकले
सुबह को
लौटना हो जिसपर
सांझ को

सकून से सोये
रात को
गर्वांवित होये कविता !!